बजिंदर सिंह: हिंदू से ईसाई बने ‘यीशु-यीशु’ वाले विवादित पादरी की पूरी कहानी...

हिंदू से ईसाई पादरी बनने और फिर रेप केस में उम्रकैद तक का सफर! जानिए, कैसे चर्च के मंच से उठकर बजिंदर सिंह विवादों में घिर गए।

Rohit Agrawal
Published on: 2 April 2025 12:45 PM IST
बजिंदर सिंह: हिंदू से ईसाई बने ‘यीशु-यीशु’ वाले विवादित पादरी की पूरी कहानी...
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हरियाणा के यमुनानगर से लेकर पंजाब के जालंधर तक, एक साधारण लड़के से विवादों के चर्चित पादरी तक का सफर तय करने वाले बजिंदर सिंह आज सुर्खियों में हैं। सात साल पुराने रेप मामले में मोहाली कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। कभी ‘यीशु-यीशु’ के नारे से सोशल मीडिया पर छाने वाले इस शख्स की जिंदगी में उतार-चढ़ाव की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। आइए जानते हैं कि कैसे एक रोडवेज कर्मचारी का बेटा हिंदू धर्म छोड़ ईसाई पादरी बना और फिर विवादों में घिर गया।

सवि कैसे बना बजिंदर सिंह ?

42 साल के बजिंदर सिंह का जन्म हरियाणा के यमुनानगर की विकास नगर कॉलोनी में एक हिंदू जाट परिवार में हुआ था। घर में उन्हें ‘सवि’ कहकर बुलाया जाता था। उनके पिता हरियाणा रोडवेज में नौकरी करते थे और बाद में रिटायर हो गए। परिवार में एक भाई भी है, जो यमुनानगर में फोटोग्राफी की दुकान चलाता है। बजिंदर ने बीए तक पढ़ाई की, लेकिन नौकरी की तलाश में नाकाम रहने के बाद उनकी जिंदगी ने गलत मोड़ ले लिया। गलत संगत में पड़कर उनका अपराध की दुनिया से नाता जुड़ गया।

हिंदू से कैसे बन गए ईसाई धर्म के पालक?

करीब 15 साल पहले बजिंदर की जिंदगी में बड़ा तूफान आया। शराब के नशे में उन्होंने यमुनानगर में एक चिकन सेंटर के मालिक पर गोली चला दी। इस गोलीकांड के चलते उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा। यहीं उनकी मुलाकात एक ईसाई पादरी से हुई, जिसने उनकी सोच बदल दी। जेल में रहते हुए बजिंदर ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया। बाद में मामले में समझौता हो गया और वे जेल से रिहा हो गए। यह वो पल था, जब सवि से बजिंदर सिंह की नई पहचान शुरू हुई।

चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम: शोहरत की ऊंची उड़ान

जेल से बाहर आने के बाद बजिंदर ने पंजाब का रुख किया। जालंधर के ताजपुर गांव में उन्होंने ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम’ की नींव रखी। चमत्कारिक इलाज और ‘यीशु-यीशु’ के नारे के साथ उनकी सभाओं में भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते उनका चर्च देशभर में फैल गया, जिसकी 260 से ज्यादा शाखाएं बताई जाती हैं। यूट्यूब पर उनके चैनल के 37 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वे दावा करते थे कि उनकी प्रार्थनाएं लाइलाज बीमारियों को ठीक कर सकती हैं। लेकिन शोहरत के साथ विवाद भी उनके पीछे-पीछे चले।

कैसे आए विवादों के घेरे में?

2017 में एक महिला ने बजिंदर पर रेप का आरोप लगाया। पीड़िता का कहना था कि बजिंदर ने उसे विदेश ले जाने का लालच देकर मोहाली में अपने घर पर बलात्कार किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। इस मामले में मोहाली कोर्ट ने उन्हें IPC की धारा 376 (बलात्कार), 323 (चोट पहुंचाना) और 506 (धमकी) के तहत दोषी ठहराया। मंगलवार, 1 अप्रैल 2025 को कोर्ट ने उन्हे उम्रकैद की सजा सुना दी। हाल ही में उनका एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे अपने स्टाफ के साथ मारपीट करते दिखे। यह सजा उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा झटका बनकर सामने आई।
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