एक घंटे में 15 फीट सुरंग खोद देते हैं ये 10 जानवर, देखकर रह जाएंगे हैरान

मोल्स, केंचुआ, प्रेयरी डॉग जैसे 10 जानवर जो एक घंटे में 15 फीट तक सुरंग खोद देते हैं! इनके गजब के कारनामे जानकर आप दंग रह जाएंगे। पढ़ें पूरी कहानी।

Girijansh Gopalan
Published on: 22 May 2025 8:48 PM IST
एक घंटे में 15 फीट सुरंग खोद देते हैं ये 10 जानवर, देखकर रह जाएंगे हैरान
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जानवरों की दुनिया भी कमाल की है! जैसे हम अपने घर बनाते हैं, वैसे ही ये जानवर अपने लिए बिल और सुरंग बनाते हैं, वो भी अपने स्टाइल में। कुछ ऐसे जानवर हैं जो एक घंटे में 15 फीट तक की सुरंग खोद डालते हैं। आइए, आपको बताते हैं इन गजब के जीवों के बारे में, जिनके कारनामे सुनकर आप दंग रह जाएंगे।

जानवरों की गजब की प्रतिभा

जानवरों में भी इंसानों की तरह अलग-अलग टैलेंट होते हैं। कई बार इनके कारनामे देखकर हम सोच में पड़ जाते हैं कि भई, ये कैसे कर लेते हैं? अगर आप घर को कुछ दिन के लिए छोड़कर कहीं चले जाएं, तो लौटने पर चूहों ने दीवारों में गड्ढे बना रखे होते हैं। ये गड्ढे कभी खाना स्टोर करने के लिए होते हैं, तो कभी इन्हें और बड़ा करने की जुगत में रहते हैं। आज हम आपको 10 ऐसे जानवरों के बारे में बताएंगे, जो सुरंग खोदने में उस्ताद हैं। इनके नाम और काम सुनकर आप हैरान हो जाएंगे।

मोल्स: सुरंग खोदने का बादशाह

सुरंग खोदने की बात हो और मोल्स का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। ये छोटा सा, फर वाला जीव अपने फावड़े जैसे पंजों से जमीन में मिनटों में सुरंग बना देता है। यकीन नहीं होता, लेकिन ये एक घंटे में 15 फीट तक खोद सकता है। इनकी आंखें इतनी छोटी होती हैं कि ये सूंघकर रास्ता बनाते हैं।

केंचुआ: मिट्टी का मसीहा

केंचुआ भले ही दिखने में साधारण लगे, लेकिन ये धरती के लिए वरदान है। ये सारी जिंदगी मिट्टी में सुरंग बनाते हुए बिताते हैं। मिट्टी में मौजूद ऑर्गेनिक चीजों को तोड़कर ये खेतों को उपजाऊ बनाते हैं। जहां केंचुआ होता है, वहां फसल लहलहाती है।

प्रेयरी डॉग: जमीन के नीचे का शहर

सोचिए, जमीन के नीचे एक पूरा शहर बसा हो, जिसमें सैकड़ों पड़ोसी रहते हों। प्रेयरी डॉग ऐसा ही करता है। ये सुरंगों का जाल बुनते हैं, जिसमें घर, नर्सरी, और चौकीदारी की जगह तक होती है। ये सिर्फ छिपने के लिए नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम बनाते हैं।

फेनेक लोमड़ी: रेगिस्तान की रानी

फेनेक लोमड़ी छोटी और क्यूट दिखती है, लेकिन इसका ठिकाना जमीन के नीचे होता है। सहारा के रेगिस्तान की गर्मी से बचने के लिए ये सुरंग खोदकर उसमें छिप जाती है। बाकी लोमड़ियां ऊपर घूमती हैं, लेकिन ये नीचे की दुनिया में मस्त रहती है।

गोफर्स: खाने का जखीरा बनाने वाले

गोफर्स को खाने का स्टॉक जमा करने का शौक है। ये छोटे-छोटे कमरे बनाते हैं, जहां जड़ें और बीज छिपाते हैं। इनकी सुरंगें भोजन का गोदाम होती हैं, ताकि कभी कमी न पड़े।

बरोइंग उल्लू: अनोखा ठिकाना

उल्लू तो आमतौर पर पेड़ों पर रहते हैं, लेकिन बरोइंग उल्लू अलग है। ये प्रेयरी डॉग या गोफर्स की छोड़ी हुई सुरंगों पर कब्जा कर लेते हैं। घोंसला बनाने की बजाय ये तैयार बिल में मजे करते हैं।

नेकेड मोल रेट्स: जमीन के नीचे की कॉलोनी

नेकेड मोल रेट्स का अंदाज़ बिल्कुल मधुमक्खियों जैसा है। ये विशाल कॉलोनियों में रहते हैं, जिनका एक लीडर होता है। ये जमीन के नीचे पूरी दुनिया बसा लेते हैं, जिसमें सब कुछ सिस्टमैटिक होता है।

चींटियां: छोटी लेकिन उस्ताद

चींटियां छोटी होती हैं, लेकिन सुरंग खोदने में इनका कोई जवाब नहीं। ये खाने के लिए खास कवक उगाती हैं, जिसके लिए पत्तियां काटकर सुरंगों में ले जाती हैं। इनका बिल एक पूरा फार्म हाउस होता है। बेजर: आक्रामक खोदनहार बेजर को देखकर लगता नहीं कि ये सुरंग खोद सकते हैं, लेकिन ये बड़े आक्रामक तरीके से बिल बनाते हैं। इनके बिल को 'सेट' कहते हैं, जिसमें कई कमरे होते हैं और पूरा परिवार पीढ़ियों तक रहता है।

ट्रैपडोर मकड़ी: छुपा शिकारी

ट्रैपडोर मकड़ी का स्टाइल जुदा है। ये जाल की बजाय जमीन में छोटा सा बिल खोदती है और उसका दरवाजा बनाकर छिप जाती है। जैसे ही शिकार पास आता है, ये झट से बाहर निकलकर उसे दबोच लेती है। ये भी पढ़ें:ड्रोन से ट्रेन की धुलाई! कामाख्या स्टेशन का वीडियो वायरल, लोग बोले- टेक्नोलॉजी है भाई
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