Shardiya Navratri 2025 Colours: त्योहारों का मौसम आ रहा है और इसके साथ ही भारत के सबसे जीवंत उत्सवों में से एक, नवरात्रि, भी आ रही है। शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाने वाला यह नौ दिवसीय उत्सव देवी दुर्गा और उनके नौ दिव्य रूपों को समर्पित है। यह प्रार्थना, नृत्य, उपवास और रंगों का समय है। नवरात्रि का प्रत्येक दिन एक विशेष रंग (Shardiya Navratri 2025 Colours) से जुड़ा होता है, जिसके बारे में माना जाता है कि वह आध्यात्मिक अर्थ और आशीर्वाद लेकर आता है।
कब शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि?
द्रिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि सोमवार, 22 सितंबर को शुरू होगी और बुधवार, 1 अक्टूबर को समाप्त होगी। यह भव्य उत्सव 2 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) के साथ संपन्न होगा, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
नवरात्रि में रंगों का क्या महत्व है?
नवरात्रि के अनुष्ठानों में रंगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसा माना जाता है कि प्रत्येक रंग देवी दुर्गा की विशिष्ट ऊर्जाओं को प्रवाहित करता है, जिससे दिन के रंग से मेल खाते परिधान पहनना शुभ होता है। ऑफिस जाने वालों से लेकर गरबा और डांडिया के शौकीनों तक, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के भक्त इस परंपरा को उत्साह से अपनाते हैं। पहले दिन का रंग नवरात्रि की शुरुआत वाले सप्ताह के दिन के आधार पर तय किया जाता है, और बाकी दिन एक निश्चित क्रम में होते हैं। फैशन के अलावा, यह त्योहार की आध्यात्मिक लय के साथ तालमेल बिठाने का एक तरीका है; यह हर गुजरते दिन में भक्ति, जीवंतता और आनंद जोड़ता है।
शारदीय नवरात्रि 2025 के रंगो की लिस्ट और उनका अर्थ
पहला दिन- 22 सितंबर, सोमवार- सफेद: पवित्रता और शांति का प्रतीक, पहले दिन सफेद रंग पहनने से आंतरिक शांति और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।
दूसरा दिन- 23 सितंबर, मंगलवार- लाल: प्रेम और शक्ति का प्रतीक, लाल जोश का प्रतीक है और पारंपरिक रूप से देवी को चुनरी के रूप में चढ़ाया जाता है।
तीसरा दिन - 24 सितंबर, बुधवार- रॉयल ब्लू: समृद्धि और शांति का प्रतीक, रॉयल ब्लू रंग उत्सवों में लालित्य और शाही स्पर्श लाता है।
चौथा दिन- 25 सितंबर, गुरुवार- पीला: चमकीला और खुशनुमा, पीला रंग खुशी, आशावाद और सकारात्मकता का प्रतीक है।
पांचवां दिन- 26 सितंबर, शुक्रवार- हरा: उर्वरता, शांति और नई शुरुआत से जुड़ा, हरा रंग विकास और सद्भाव को दर्शाता है।
छठा दिन- 27 सितंबर, शनिवार- ग्रे: एक संतुलित रंग जो विनम्रता और शांति का प्रतीक है, भावनाओं को स्थिर करने के लिए एकदम सही है।
सातवां दिन - 28 सितंबर, रविवार- नारंगी: उत्साह और गर्मजोशी बिखेरता नारंगी रंग वातावरण को ऊर्जा और जीवंतता से भर देता है।
आठवां दिन- 29 सितंबर, सोमवार- मोर हरा: नीले और हरे रंग का एक दुर्लभ मिश्रण, यह रंग विशिष्टता, करुणा और ताज़गी का प्रतीक है।
नौवां दिन- 30 सितंबर, मंगलवार- गुलाबी: प्रेम, सद्भाव और दयालुता का प्रतीक, गुलाबी रंग आकर्षण और स्नेह के साथ नवरात्रि का समापन करता है।
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