पौष पूर्णिमा स्नान के साथ शुरू होगा माघ मेला 2026, जानें तिथि और महत्व

माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी, 2026 को प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के दिन पहले स्नान के साथ एक आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली नोट पर होगी।

Update: 2025-12-29 08:27 GMT
Magh Mela 2026: माघ मेला प्रयागराज में हर साल लगने वाला एक बड़ा हिंदू धार्मिक मेला है, जो गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के पवित्र संगम पर लगता है। हिंदू महीने माघ (Magh Mela 2026) में मनाए जाने वाले इस मेले में पूरे भारत से संत, ऋषि, कल्पवासी और भक्त आते हैं। ऐसा माना जाता है कि माघ मेले के दौरान पवित्र स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और आध्यात्मिक पुण्य मिलता है।

पौष पूर्णिमा स्नान से शुरू होगा माघ मेला 2026

माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी, 2026 को प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के दिन पहले स्नान के साथ एक आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली नोट पर होगी। यह पवित्र आयोजन हिंदू धर्म के सबसे सम्मानित धार्मिक समारोहों में से एक की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है, जो पवित्र त्रिवेणी संगम - गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर आयोजित होता है। भक्तों, संतों और कल्पवासियों के लिए, पौष पूर्णिमा का स्नान सिर्फ एक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि और दिव्य आशीर्वाद का एक द्वार है।

पौष पूर्णिमा स्नान का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म ग्रंथों में पौष पूर्णिमा का विशेष स्थान है। ऐसा माना जाता है कि इस पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जमा हुए पाप धुल जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष पूर्णिमा पर सकारात्मक ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है, जिससे स्नान करना और भी ज़्यादा आध्यात्मिक रूप से फलदायी होता है। माघ मेले का पहला स्नान बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह पूरे माघ महीने के लिए आध्यात्मिक माहौल बनाता है। भक्तों का मानना ​​है कि जो लोग इस दिन स्नान करते हैं, उन्हें बड़े यज्ञ और दान-पुण्य करने के बराबर पुण्य मिलता है।

पौष पूर्णिमा से शुरू होता है कल्पवास

पौष पूर्णिमा कल्पवास की शुरुआत का भी प्रतीक है, जो संगम के पास रहने वाले भक्तों द्वारा मनाया जाने वाला एक महीने का तपस्या का समय है। कल्पवासी अनुशासित जीवन जीते हैं जिसमें सुबह जल्दी स्नान करना, ध्यान, दान और धार्मिक प्रवचन सुनना शामिल है। पहला स्नान आध्यात्मिक अनुशासन, वैराग्य और भगवान विष्णु के प्रति भक्ति की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

पौष पूर्णिमा का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं से परे, पौष पूर्णिमा का स्नान भारत की समृद्ध आध्यात्मिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। लाखों लोग प्रयागराज में विश्वास, परंपरा और भक्ति से एकजुट होकर इकट्ठा होते हैं। सूर्योदय के समय भक्तों को प्रार्थना करते देखना सदियों पुरानी परंपराओं को दर्शाता है जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं।

माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां

3 जनवरी 2026- पौष पूर्णिमा 15 जनवरी 2026- मकर संक्रांति 18 जनवरी 2026- मौनी अमावस्या 23 जनवरी 2026- बसंत पंचमी 1 फरवरी 2026- माघी पूर्णिमा 15 फरवरी 2026- महाशिवरात्रि यह भी पढ़ें: 2026 Horoscope Predictions: कैसा रहेगा आपका 2026? जानिए ज्योतिषाचार्य से
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