Amarnath Yatra 2025 Route: इन दो रूटों से होकर गुजरेगी अमरनाथ यात्रा, एक है छोटा तो दूसरा कठिन

बाबा बर्फानी को समर्पित पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई, 2025 को शुरू होगी और 9 अगस्त, 2025 तक चलेगी

Preeti Mishra
Published on: 17 April 2025 10:05 AM IST
Amarnath Yatra 2025 Route: इन दो रूटों से होकर गुजरेगी अमरनाथ यात्रा, एक है छोटा तो दूसरा कठिन
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Amarnath Yatra 2025 Route: बाबा बर्फानी को समर्पित पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई, 2025 को शुरू होगी और 9 अगस्त, 2025 तक चलेगी। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (Amarnath Yatra 2025 Route) ने घोषणा की है कि इस वर्ष की तीर्थयात्रा 39 दिनों तक चलेगी, जिससे भक्तों को पवित्र अमरनाथ गुफा की आध्यात्मिक यात्रा करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

अमरनाथ यात्रा 2025 के मुख्य विवरण

आरंभ तिथि: 3 जुलाई, 2025 समाप्ति तिथि: 9 अगस्त, 2025
अवधि: 39 दिन मार्ग: तीर्थयात्री या तो पहलगाम ट्रैक (अनंतनाग जिला) या बालटाल ट्रैक (गंदरबल जिला) ले सकते हैं। जम्मू और कश्मीर में अमरनाथ गुफा (Amarnath Yatra 2025 Route) की पवित्र तीर्थयात्रा अमरनाथ यात्रा दो मुख्य मार्गों से होकर गुजरती है: पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग।

पहलगाम मार्ग (पारंपरिक मार्ग)

पहलगाम मार्ग (Pahalgam Route ) पारंपरिक और लंबा मार्ग है, जो पहलगाम से अमरनाथ गुफा तक लगभग 48 किमी की दूरी तय करता है। तीर्थयात्री पहलगाम (श्रीनगर से 95 किमी) से शुरू करते हैं और गुफा तक पहुंचने से पहले चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुजरते हैं। यह मार्ग अपेक्षाकृत आसान है, जिसमें धीरे-धीरे चढ़ाई होती है, जो इसे बुजुर्ग भक्तों के लिए उपयुक्त बनाता है। इसे पूरा करने में आमतौर पर 3-5 दिन लगते हैं। लुभावने परिदृश्य, हरी-भरी हरियाली और सुंदर लिद्दर नदी यात्रा को आध्यात्मिक रूप से उत्थानशील बनाती है। टेंट वाले आवास, चिकित्सा शिविर और लंगर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

Amarnath Yatra 2025 Route: इन दो रूटों से होकर गुजरेगी अमरनाथ यात्रा, एक है छोटा तो दूसरा कठिन

बालटाल मार्ग (छोटा लेकिन कठिन मार्ग)

बालटाल मार्ग, बालटाल (श्रीनगर से 93 किमी) से अमरनाथ गुफा तक 14 किमी की छोटी लेकिन अधिक चुनौतीपूर्ण यात्रा है। यह मार्ग खड़ी चढ़ाई वाला और चुनौतीपूर्ण है, जिसके लिए उच्च शारीरिक शक्ति की आवश्यकता होती है। तीर्थयात्री एक ही दिन (राउंड ट्रिप) में यात्रा पूरी कर सकते हैं, जो इसे समय की कमी वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। हालांकि, इसके ऊबड़-खाबड़ इलाके के कारण, यह अनुभवी ट्रेकर्स के लिए अनुशंसित है। यात्रा (Baltal Route) को आसान बनाने के लिए कई लोग हेलीकॉप्टर सेवाओं या टट्टू की सवारी का विकल्प चुनते हैं। अपनी चुनौतियों के बावजूद, यह मार्ग ग्लेशियरों और पर्वतीय परिदृश्यों के शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है, जो एक रोमांचक लेकिन आध्यात्मिक रूप से पूर्ण अनुभव प्रदान करता है।

Amarnath Yatra 2025 Route: इन दो रूटों से होकर गुजरेगी अमरनाथ यात्रा, एक है छोटा तो दूसरा कठिन

इस बार है पूरी तैयारी और व्यवस्था

जम्मू और कश्मीर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था कर रहा है। आवास, भोजन (लंगर सेवाएं), चिकित्सा सहायता और सुरक्षा में सुधार के प्रयास चल रहे हैं। तीर्थयात्रियों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि को प्रबंधित करने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath Yatra 2025) में बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है, और प्रशासन एक सुचारू और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर सुविधाओं, सुरक्षा उपायों और डिजिटल प्रगति के साथ, यात्रा सभी भक्तों के लिए एक सहज और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव होने का वादा करती है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना पंजीकरण पहले ही पूरा कर लें और श्राइन बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं से अपडेट रहें।

तीर्थयात्रियों के लिए रहेंगे ये सुविधाएं

तीर्थयात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, निम्नलिखित पहल किये जा रहे हैं: आवास में वृद्धि: जम्मू, श्रीनगर, बालटाल, पहलगाम, नुनवान और पंथा चौक में अतिरिक्त सुविधाएँ। E KYC और RFID प्रणाली: नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों पर आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड और ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की शुरुआत। बीमा और सुरक्षा उपाय: तीर्थयात्रियों, सेवा प्रदाताओं और टट्टुओं के लिए पर्याप्त बीमा कवरेज।
ऑनलाइन सेवाएँ:
पंजीकरण और यात्रा-संबंधी सहायता के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार। मार्ग रखरखाव और आपदा तैयारी: ट्रैक चौड़ीकरण, चिकित्सा सुविधाएँ, सुरक्षा निगरानी, ​​मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन प्रणाली। प्रीपेड डिजिटल भुगतान प्रणाली: टट्टू और कुली जैसी सेवाओं को किराए पर लेने के लिए डिजिटल प्रीपेड प्रणाली की शुरुआत। Amarnath Yatra 2025 Route: इन दो रूटों से होकर गुजरेगी अमरनाथ यात्रा, एक है छोटा तो दूसरा कठिन अमरनाथ यात्रा 2025 में बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है, और प्रशासन एक सुचारू और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर सुविधाओं, सुरक्षा उपायों और डिजिटल प्रगति के साथ, यह यात्रा सभी भक्तों के लिए एक सहज और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव होने का वादा करती है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना पंजीकरण पहले ही पूरा कर लें और श्राइन बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं से अपडेट रहें। यह भी पढ़ें: 30 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, सरकार ने जारी की गाइडलाइंस
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Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

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