IMF के बाद अब एशियन बैंक भी हुआ पाक पर मेहरबान, भारत की चेतावनी के बाबजूद क्यों दिया 800 मिलियन डॉलर का लोन?

भारत की चेतावनियों को दरकिनार कर ADB ने पाकिस्तान को 800 मिलियन डॉलर का लोन दिया। सवाल उठता है- क्या यह पैसा फिर जाएगा आतंकवाद में?

Rohit Agrawal
Published on: 5 Jun 2025 10:04 AM IST
IMF के बाद अब एशियन बैंक भी हुआ पाक पर मेहरबान, भारत की चेतावनी के बाबजूद क्यों दिया 800 मिलियन डॉलर का लोन?
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एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत की जमकर आपत्तियों को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान को 800 मिलियन डॉलर का कर्ज देने का फैसला किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के बाद आर्थिक तौर पर बुरी तरह बैकफुट पर है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भीख मांगने में जुटा हुआ है। भारत ने साफ कहा था कि पाकिस्तान को दिया गया यह कर्ज आतंकवाद को फंड करने में इस्तेमाल होगा, लेकिन ADB ने भारत की इन चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया।

IMF के बाद ADB हुई पाक पर मेहरबान

इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को 8,500 करोड़ रुपये का बेलआउट पैकेज दिया था और अब ADB ने भी 800 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने इस कर्ज को लेकर खुशी जताते हुए कहा है कि इससे उन्हें आर्थिक स्थिरता हासिल करने में मदद मिलेगी। हालांकि, भारत ने साफ किया है कि पाकिस्तान पहले भी ऐसे कर्जों का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने और सेना के खर्चों में करता रहा है, न कि देश के विकास में।

भारत के चेताने के बाबजूद पाक को मिला लोन

भारत ने ADB और IMF जैसी संस्थाओं को लगातार चेतावनी दी है कि पाकिस्तान को दिया जाने वाला कर्ज कभी भी उसके विकास में नहीं लगता। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार सेना के इशारों पर चलती है और इन कर्जों का इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों को फंड करने और सैन्य खर्चों में किया जाता है। भारत ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान बार-बार आर्थिक सुधारों को लागू करने में नाकाम रहा है और अब यह कर्ज उसकी गलत नीतियों को और बढ़ावा देगा।

क्या पाक के टैक्स सिस्टम में होगा सुधार?

पाकिस्तान के वित्त मंत्री के सलाहकार खुर्रम शहजाद ने इस कर्ज को लेकर दावा किया है कि इसमें से 300 मिलियन डॉलर पॉलिसी बेस्ड लोन (PBL) के तौर पर दिया गया है, जबकि 500 मिलियन डॉलर योजना कार्यों (PBG) के लिए है। पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, पाकिस्तान का दावा है कि इस कर्ज से टैक्स सिस्टम में सुधार होगा और राजस्व बढ़ेगा। लेकिन भारत का मानना है कि यह सिर्फ दिखावा है और असल में यह पैसा आतंकवाद और सेना के खर्चों में ही जाएगा।

क्या ADB का कर्ज पाक को आतंकवाद की राह पर और आगे ले जाएगा?

ADB के इस फैसले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत ने लगातार पाकिस्तान को मिलने वाले कर्जों के दुरुपयोग की ओर ध्यान दिलाया है, लेकिन ADB और IMF जैसी संस्थाएं इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर रही हैं। सवाल यह है कि क्या यह कर्ज पाकिस्तान को सच में आर्थिक स्थिरता देगा या फिर आतंकवाद को और मजबूत करेगा? भारत का मानना है कि पाकिस्तान को मिलने वाली हर आर्थिक मदद उसके आतंकी एजेंडे को ही बढ़ावा देती है और ADB का यह कदम इसी सच्चाई को एक बार फिर उजागर करता है।
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