‘सिर्फ एक मजहब क्यों निशाने पर?’ – अबू आज़मी ने लाउडस्पीकर विवाद पर बीजेपी को घेरा

Sunil Sharma
Published on: 24 May 2025 2:28 PM IST
‘सिर्फ एक मजहब क्यों निशाने पर?’ – अबू आज़मी ने लाउडस्पीकर विवाद पर बीजेपी को घेरा
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर धर्म और लाउडस्पीकर का मुद्दा गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक अबू आज़मी ने इस बार सीधे भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि “बीजेपी जानबूझकर एक ही धर्म को टारगेट कर रही है।” उनका कहना है कि लाउडस्पीकर की आड़ में नफरत की राजनीति खेली जा रही है।

लाउडस्पीकर पर selective targeting का लगाया आरोप

अबू आज़मी ने बीजेपी नेता किरीट सोमैया पर भी तीखा हमला करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट का आदेश सबके लिए है — हर धर्म के लिए, लेकिन बीजेपी नेता इसे एक खास समुदाय के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। यह न केवल संविधान की भावना के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाता है।”

मुख्यमंत्री से की उच्चस्तरीय बैठक की मांग

आज़मी ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर एक अहम मांग रखी — इस मुद्दे पर एक निष्पक्ष और उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि वे खुद मुस्लिम समुदाय के प्रमुख धार्मिक नेताओं को बातचीत के लिए लेकर आएंगे ताकि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप हर पक्ष का समाधान निकल सके।

विदेश नीति पर भी उठे सवाल

अबू आज़मी ने सिर्फ घरेलू मुद्दों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें कहा गया था, “भारत न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।” आजमी ने तंज कसते हुए कहा, “अगर आप नहीं झुके, तो अमेरिका के दबाव में सीजफायर क्यों करवाया? उस वक़्त पूरा देश आपके साथ खड़ा था। फिर पीछे क्यों हटे?”

चीन की चुप्पी पर बीजेपी को घेरा

सपा नेता ने चीन को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा और पूछा, “जब बात चीन की घुसपैठ की होती है, तब बीजेपी बिल्कुल चुप क्यों हो जाती है? अगर कांग्रेस की कमज़ोरियों की बात होती है तो सरकार खूब बोलती है, लेकिन जब देश की जमीन कब्ज़ा हो रही हो, तब जवाब गोलमोल क्यों?” Mamta Banerjee News in Hindi

ममता बनर्जी को समर्थन

नीति आयोग की बैठक से ममता बनर्जी की दूरी को लेकर अबू आज़मी ने कहा, “ममता बनर्जी का फ़ैसला उनका अधिकार है, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि केंद्र सरकार उन्हें टारगेट कर रही है। यह राजनीतिक विरोध की भावना नहीं, बल्कि डर और दबाव की राजनीति है।”
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