केंद्र सरकार ने नाइमेसुलाइड दवा पर लगाया बैन, जानें आखिर क्यों उठाया ये बड़ा कदम
Nimesulide Painkiller Ban: केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए पेन किलर दवा नाइमेसुलाइड पर बैन लगा दिया हैं। केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 100 mg से अधिक वाली नाइमेसुलाइड की ओरल दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तुरंत प्रभाव रोक लगाई गई हैं। इसको लेकर सरकार का कहना हैं कि ये दवा स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी हो सकती है।
इस दवा को लेकर दुनिया में चल रही हैं जांच
सोमवार को जारी एक अधिसूचना में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड युक्त सभी मौखिक दवाओं का तत्काल रिलीज खुराक के रूप में उपयोग मानव के लिए जोखिम भरा हो सकता है। सरकार ने यह भी बताया कि उक्त दवा के सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं। यह एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है, जिसका लिवर पर बुरा असर हो सकता है। इस दवा की टॉक्सिसिटी और दूसरे साइड इफेक्ट्स को लेकर दुनिया भर में जांच चल रही है।
तत्काल प्रभाव से लागू होगा बैन
सरकार ने स्पष्ट कहा कि यह प्रतिबंध औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत लगाया गया है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसके तहत देश में निमेसुलाइड की तय मात्रा से अधिक वाली ओरल दवाओं का निर्माण, बिक्री और वितरण पूरी तरह बंद रहेगा।
हल्का दर्द होने पर भी लेते हैं पेनकिलर
सिर दर्द हुआ या फिर जोड़ों में दर्द उठा नहीं कि पेन किलर खा लेते हैं। देश में बहुत से लोग दर्द से जल्दी आराम पाने के लिए बिना प्रिसक्रिप्शन के बाजार से पेनकिलर ले लेते हैं। पेनकिलर की हैवी डोज लेने से लिवर और किडनी पर बुरा असर होता है। डॉक्टर पेनकिलर दवाओं का कम से कम सेवन करने की सलाह देते हैं।
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