पौष पूर्णिमा स्नान के साथ ही शुरू हुआ माघ मेला 2026, श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
Magh Mela 2026: आज शनिवार 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान के साथ प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत हो गई है। ठंड और कोहरे के बीच श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं। इसी के साथ एक महीने (Magh Mela 2026) का कठिन कल्पवास भी शुरू हो गया है। कड़ाके की ठंड के कारण सुबह स्नान करने वालों की संख्या कम रही। लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ेगा लोगों की संख्या में वृद्धि होगी। पौष पूर्णिमा शुक्रवार शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू हुई और शनिवार शाम 4 बजकर 3 मिनट तक रहेगी।
आज भोर से ही संगम तट पर स्नान करने वालों का जमावड़ा शुरू हुआ गया था। सुबह से ही भीड़ धीरे-धीरे बढ़ रही थी। इस मौके पर प्रशासन ने स्नान घाट व सुविधाओं के खास इंतजाम किए हैं। पौष पूर्णिमा स्नान पूरा दिन भर चलता है। अधिकारियों के अनुसार, पौष पूर्णिमा पर 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। इसके लिए 10,000 फुट क्षेत्र में 10 स्नान घाट और नौ पांटून पुल बनाए गए हैं। मेला प्रशासन के मुताबिक सुबह 10 बजे तक नौ लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया।
आज से ही शुरू हो जाएगा कल्पवास
आज माघ मेले के प्रथम स्नान के साथ ही कल्पवास भी शुरू हो जाएगा। मेले में पांच लाख से ज्यादा कल्पवासी प्रवास करेंगे। बता दें कि कल्पवासी दिन में दो बार गंगा स्नान करते हैं और केवल एक बार भोजन करते हैं। दिन का बाकी समय कल्पवासी ध्यान और पूजन में व्यतीत करते हैं। आदि करते हैं।
पहली बार माघ मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के लिए एक अलग से नगर बसाया गया है। 950 बीघे में बसाए गए इस नगर को प्रयागवाल नाम दिया गया है। नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार इसे बसाया गया है।
प्रशासन के तरफ से है पूरी तयारी
पहले स्नान पर्व पर स्थानीय प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। आकस्मिक स्थिति के लिए मेला में 20 एंबुलेंस (108) और 10 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तैनात की गई हैं। संगम नोज पर एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। मेल क्षेत्र में दो बड़े अस्पताल (20-20 बेड) और सभी सेक्टरों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। एलोपैथिक के अलावा चार आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज होगा।
सभी अस्पतालों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र के अलावा एसआरएन, बेली और कॉल्विन अस्पतालों में भी मरीजों के लिए बेड आरक्षित हैं। ट्रामा सेंटर में अतिरिक्त डॉक्टर और फार्मासिस्ट की व्यवस्था की गई है।
माघ मेले के स्नान की प्रमुख तिथियां
पौष पूर्णिमा- 3 जनवरी
मकर संक्रांति- 14 जनवरी
मौनी अमावस्या- 18 जनवरी
बसंत पंचमी- 23 जनवरी
माघी पूर्णिमा- 1 फरवरी
महाशिवरात्रि- 15 फरवरी
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